Mission Shakti

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यह मिशन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इस मिशन के तहत भारत जल, नभ और थल के अलावा अंतरिक्ष में भी दुश्मन की हरकतों पर नज़र रख सकता है. अर्थात् अगर कोई दुश्मन देश अंतरिक्ष में सैटेलाइट के जरिए भारत पर नज़र रख रहा है या फिर जासूसी कर रहा है तो भारत उसकी मिसाइल को नष्ट कर सकता है

मिशन शक्ति क्यों है खास ?



• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में मिशन शक्ति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस मिशन के बाद भारत अंतरिक्ष में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी महाशक्ति बन   गया है।
• मिशन शक्ति के तहत भारत ने भारत सैटेलाइटलाईट को लक्ष्य बनाने वाली मिस का सफल परीक्षण किया है।                             • भारत ने इस मिशन के जरिए लो अर्थ ऑर्बिट यानि LEO में मौजूद एक ब्लूटूथ को मार      गिराया।• भारत की ओर से DRDO ने यह परीक्षण किया है। विदित हो कि एंटी सैटेलाइट वैपेन एक ऐसी मिसाइल होती है जिसके जरिए अंतरिक्ष में घूम रहे सैटेलाइट को निशाना बनाया जाता ह                                            •   इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन ही यह उपलब्धि हासिल कर सके हैं                                                                                                                                               और अब भारत चौथी महाशक्ति के रूप में उभरा है.

एंटी सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल

यह मिसाइल किसी भी देश को अंतरिक्ष में कानूनी ताकत देने का काम करता है।

• एंटी रेडियो वैपन एक ऐसी मिसाइल होती है, जिसके माध्यम से अंतरिक्ष में घूमते हुए एचटीसी को निशाना बनाया जाता है।

• यह मिसाइल अर्थ से कई किलोमीटर दूर   ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं।

• अमेरिकी सैन्य उद्देश्यों में इस्तेमाल किया जाने वाला जापानी को मार सकता है।

• यह मिसाइल किसी भी देश के कम्यूनिकेशन सिस्टम को खत्म किया जा सकता है।

• युद्ध के समय दुश्मन देश के रोबोट को                 मार गिराया जा सकता है


क्या है लो अर्थ ऑर्बिट (LEO)

पृथ्वी की निम्न कक्षा (LEO) या पृथ्वी की निचली कक्षा 160 किलोमीटर और 2,000 किलोमीटर की ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करती है। लगभग 160 किलोमीटर (99 मील) या उससे कम, वे कक्षीय क्षय (कक्षीय क्षय) और ऊंचाई हानि (ऊंचाई में कमी) का अनुभव तेजी से करते हैं।

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